आज है होली रंग तुम्हीं हो | Holi Poem in Hindi
आज है होली रंग तुम्हीं हो,
सांसों में हरपल संग तुम्हीं हो।
खिलता कैसे फूल बाग में,
मिट्टी पानी धूप तुम्हीं हो।।
आज है होली रंग तुम्हीं हो,
मेरे मन की उमंग तुम्हीं हो।
भीगा जो वो अंग तुम्हीं हो
आज है होली रंग तुम्हीं हो।।
सूनी थी जो कल तक दुनिया,
उभरी उसमें तरंग तुम्हीं हो।
जीने का हर ढंग तुम्हीं हो,
मेरे दिल की जंग तुम्हीं हो।
तुमसे ही है उत्सव सारा,
होली के हुड़दंग तुम्हीं हो।
आज है होली रंग तुम्हीं हो,
सांसों में हरपल संग तुम्हीं हो।
नील गगन की विस्तृति तुम्हीं हो,
बहती नदिया, पर तृप्ति तुम्हीं हो।
झूम रही जो वन में डाली,
छिपी कहीं अनुरक्ति तुम्हीं हो।
पर्वत का वह मौन तुम्हीं हो,
झरनों का कल-कल गान तुम्हीं हो।
ऋतुराज का जो है जादू,
सृष्टि का वो प्राण तुम्हीं हो।
आज है होली रंग तुम्हीं हो,
सांसों में हरपल संग तुम्हीं हो।

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